राजस्थान

प्रशासक इस्तीफा देने पर ही लड़ सकेंगे सरपंच का चुनाव

नवयुगनवयुग — 30 सितंबर 2026 · 2 मिनट पढ़ें
छपे अंक में पृष्ठ 6 · वर्ष 60 अंक 8

राजस्थान में सरपंच का चुनाव लड़ने के लिए प्रशासक को कुर्सी छोड़नी होगी। अगर कोई निवर्तमान सरपंच नामांकन भरने से पहले प्रशासक पद से इस्तीफा नहीं देता तो वह चुनाव नहीं लड़ सकेगा। सरकार सभी प्रशासकों को एक साथ भी हटाने की तैयारी कर रही है। दरअसल, प्रदेश की 10 हजार 290 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद सरकार ने वहां प्रशासक नियुक्त किए थे। इस पद पर ग्राम पंचायतों में रहे सरपंचों को ही प्रशासक लगाया गया था।

लेकिन अब आगामी दिनों में पंचायती राज संस्थाओं (जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत) के चुनाव होने हैं। ऐसे में अगर कोई निवर्तमान सरपंच जो प्रशासक के पद पर नियुक्त है और वापस चुनाव लड़ना चाहते हैं, उसे प्रशासक के पद से इस्तीफा देना पड़ेगा।

नामांकन पत्र भरने से पहले देना होगा इस्तीफा राज्य निर्वाचन आयोग से जारी गाइडलाइन के मुताबिक जब भी पंचायत चुनावों के नामांकन पत्र भरे जाएंगे तो उससे पहले इस्तीफा देना पड़ेगा। नामांकन पत्रों की जांच में इस्तीफा देखा जाएगा, अगर इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ तो ऐसे उम्मीदवार का नामांकन खारिज किया जाएगा। आयोग ने प्रशासक के पद को लाभ का पद माना है। इसलिए चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे प्रशासकों को नामांकन के अंतिम समय तक इंतजार करने के बजाय इस्तीफा स्वीकार कराने की प्रक्रिया पूरी करवानी होगी।

सरकार भी हटाने की तैयारी में इधर, सरकार के स्तर पर भी मंथन चल रहा है कि इन सभी प्रशासकों को चुनाव आयोग की घोषणा से पूर्व ही हटा दिया जाए। ताकि सभी निवर्तमान सरपंच चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र हो सके। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो प्रशासक के इस्तीफे के मामलों में संबंधित जिला कलेक्टर इस्तीफा स्वीकार कर पदमुक्त करने का आदेश अपने स्तर पर जारी कर सकते हैं।

स्रोत: नवयुग का 30 सितंबर 2026 अंक, पृष्ठ 6। यह मूल मुद्रित लेख का डिजिटल पाठ है। मूल ई-पेपर पढ़ें

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