इन दिनों नई दिल्ली के राजनैतिक परिदृश्य पर मोदी मंत्रिमंडल में बदलाव की हवा और गर्म हो रही है। इन सब के बीच राजनैतिक पंडितों ने कुछ नामों को उछाल कर बहुत से राजनेताओं में बेचैनी पैदा कर दी है। चर्चा गर्म है कि धर्मेंद्र प्रधान और हरदीप सिंह पुरी की मोदी कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का मंत्रालय बदले जाने और रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को नया वित्तमंत्री बनाए जाने की सुगबुगाहट है। सूत्रों के मुताबिक, मोदी मंत्रिमंडल में ये बड़ा फेरबदल अगले कुछ हफ्ते में हो सकता है।
धर्मेंद्र प्रधान, शिक्षा मंत्री
संघ और विद्यार्थी परिषद के बैकग्राउंड वाले धर्मेंद्र प्रधान 2 बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। अभी ओडिशा के संबलपुर से लोकसभा सांसद और पिछले 12 साल से मोदी सरकार में मंत्री। जुलाई 2021 से शिक्षा मंत्री हैं। इन्हें हटाए जाने की चर्चा सबसे ज्यादा घूम रही है। कहा जाता है कि धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री रहते 5 बड़ी लापरवाहियां हुईं- 2026 में नीट पेपर लीक, सीबीएसई बोर्ड की कॉपी चेकिंग में गड़बड़ी, यूजीसी इक्विटी गाइडलाइन्स, 2024 में यूजीसी नेट पेपर लीक और 2020 में आई नई शिक्षा नीति के लागू होने में देरी। इसके चलते केंद्र सरकार बार-बार बैकफुट पर दिखी। उनके ऊपर कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन भी खतरनाक साबित हो रहा है। सबसे बड़ा खतरा उन्हें ही बताया जा रहा है।
हरदीप सिंह पुरी, पेट्रोलियम मंत्री
1974 बैच के रिटायर्ड आईएफएस अफसर हरदीप सिंह पुरी 2014 में भाजपा से जुड़े थे। दो बार राज्यसभा सांसद बने। सितंबर 2017 से केंद्रीय मंत्री हैं। अभी इनके पास पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय है। उनकी सबसे बड़ी तकलीफ सेक्स स्कैंडल एपस्टीन फाइल्स में उनका नाम जुड़ा होना है। फरवरी में कांग्रेस ने दावा किया कि 2014-17 के बीच पुरी ने जेफरी एपस्टीन से 62 ईमेल एक्सचेंज किए और 14 मीटिंग्स कीं। उन्हें हटाने की एक वजह उनकी उम्र भी हो सकती है। 74 साल के पुरी पिछले 9 साल से मंत्री हैं।
रवनीत सिंह बिट्टू, रेल राज्यमंत्री
पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू कांग्रेस में तीन बार लोकसभा सांसद बने। मार्च 2024 में भाजपा से जुड़े। फिर राज्यमंत्री बने। अगस्त 2024 में राजस्थान से राज्यसभा पहुंचे। 3 जून को बिट्टू ने अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में उतरने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा, मैंने लोकसभा और राज्यसभा में 17 साल पूरे कर लिए हैं। मैंने अपना सामान पैक कर लिया है और पंजाब जाने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। चार जून को भाजपा ने राज्यसभा के लिए 11 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की। इसमें बिट्टू का नाम नहीं था। 21 जून 2026 को उनका राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो गया। बिट्टू भाजपा को पंजाब की सत्ता तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं। लुधियाना की किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।
पंकज चौधरी, वित्त राज्यमंत्री
उत्तर प्रदेश की महाराजगंज सीट से सात बार के लोकसभा सांसद पंकज चौधरी जुलाई 2021 से वित्त राज्यमंत्री हैं। दिसंबर 2025 में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। भाजपा की आंतरिक नीति 'एक व्यक्ति, एक पद' के चलते चौधरी को मोदी कैबिनेट से मुक्त किया जा सकता है, ताकि 2027 यूपी विधानसभा और 2029 लोकसभा चुनाव के लिए उनका पूरा फोकस संगठन और इलेक्शन मैनेजमेंट पर रहे।
हर्ष मल्होत्रा, सहकारिता राज्यमंत्री
2015-16 में पूर्वी दिल्ली नगर निगम के महापौर बने। 2024 में पूर्वी दिल्ली से सांसद और मोदी कैबिनेट में राज्यमंत्री बने। मई 2026 में दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष बने। भाजपा की एक व्यक्ति, एक पद की नीति के तहत 62 साल के मल्होत्रा को कैबिनेट से हटाया जा सकता है।
जॉर्ज कुरियन, अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री
जॉर्ज कुरियन सुप्रीम कोर्ट में वकील रहे हैं। जून 2024 में मोदी सरकार में राज्य मंत्री बने। अल्पसंख्यक कार्य और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय का जिम्मा संभाला। अगस्त 2024 में मध्यप्रदेश से राज्यसभा पहुंचे। 23 जून को मोदी कैबिनेट के इकलौते ईसाई मंत्री कुरियन ने इस्तीफा दे दिया। इसकी एक वजह अप्रैल-मई में हुआ केरलम विधानसभा चुनाव भी हैं। भाजपा को उम्मीद से कमतर नतीजे मिले। 65 साल के कुरियन ने भी चुनाव लड़ा, लेकिन 'कंजिराप्पल्ली' सीट पर वे तीसरे नंबर पर रहे।
नए चेहरे चर्चा में
शक्तिकांत दास
तमिलनाडु कैडर के 1980 बैच के रिटायर्ड अखिल भारतीय सिविल सर्विस के अफसर रहे शक्तिकांत दास पीएम मोदी के प्रधान सचिव-2 हैं। आर्थिक मामलों के सचिव, राजस्व सचिव, 15वें वित्त आयोग के सदस्य, जी20 शेरपा और 2018 से 2024 तक रिजर्व बैंक के गवर्नर रह चुके हैं। उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार के बड़े आर्थिक फैसले- नोटबंदी और जीएसटी लागू करने में दास की अहम भूमिका रही। बतौर रिजर्व बैंक गवर्नर तीन बार कार्यकाल विस्तार मिलना उन पर मोदी सरकार के भरोसे का सबूत है। इस दौरान दास ने भारतीय अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखा, डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा दिया और बैंकिंग रेगुलेशन मजबूत किया। सरकार को उम्मीद है कि प्रशासनिक और आर्थिक समझ रखने वाले दास वित्तीय स्थिति को मजबूत करेंगे।
अनुराग ठाकुर
हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के बेटे हैं। क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष रहे। हमीरपुर लोकसभा सीट से लगातार पांचवीं बार सांसद बने। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अनुराग राज्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। तब बतौर सूचना एवं प्रसारण मंत्री उनका रिपोर्ट कार्ड अच्छा था। अगले साल हिमाचल में विधानसभा चुनाव है। भाजपा चाहती है कि अनुराग के बूते युवा वोटर्स को लामबंद करके मौजूदा कांग्रेस सरकार हटाए और सत्ता में आए।
वीडी शर्मा
मध्यप्रदेश से आने वाले वीडी शर्मा पुराने स्वयंसेवक माने जाते हैं। 3 दशकों तक संघ और विद्यार्थी परिषद में काम किया। 2013 में पार्टी में एक्टिव हुए। 2020 से 2025 तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहे। अभी खजुराहो से लगातार दूसरी बार सांसद हैं। जैसा दिख रहा है मध्यप्रदेश के ज्यादातर राष्ट्रीय नेताओं को राज्य की राजनीति तक सीमित कर दिया गया है। जैसे- नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद सिंह पटेल। 55 साल के वीडी शर्मा को केंद्र में मंत्री पद देकर भाजपा मध्यप्रदेश से अगली पीढ़ी के राष्ट्रीय नेता तैयार करना चाहती है। पार्टी में वीडी की छवि मजबूत संगठनकारी नेता की है। उनके अध्यक्ष रहते भाजपा ने 2024 में मध्यप्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटें जीतीं।
तरुण चुग
पंजाब के अमृतसर से आते हैं। संघ का बैकग्राउंड है। दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन जीते नहीं। 2018 से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव हैं। हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने पंजाब के कोटे से चुग को मध्यप्रदेश से उतारा और वे जीते भी। चुग को रवनीत सिंह बिट्टू की जगह राज्यसभा सीट मिली और अब मंत्री पद भी मिल सकता है।
राघव चड्ढा
चड्ढा चार्टर्ड अकाउंटेंट से नेता बने। अरविंद केजरीवाल के करीबी रहे। 2020 में दिल्ली के राजेंद्र नगर से विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष बने। 2022 में पंजाब से राज्यसभा पहुंचे। अप्रैल में राघव ने आप के 6 अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ भाजपा जॉइन कर ली। भाजपा की कोशिश है- अगले साल पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव में राघव के बूते आप को हराना। दरअसल, पंजाब के पिछले विधानसभा चुनाव में राघव ने आप के लिए ग्राउंड वर्किंग और इलेक्शन मैनेजमेंट किया था। उन्हें आप की अंदरूनी बातें पता हैं। राघव भाजपा के लिए पंजाब में एग्रेसिव कैम्पेन कर सकते हैं। शहरी इलाकों और जेन-ज़ी वोटर्स में भाजपा के लिए पैठ बना सकते हैं।
श्रीकांत शिंदे
श्रीकांत महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे हैं। कल्याण सीट से लगातार तीसरी बार सांसद। शिवसेना (उद्धव गुट) के 6 लोकसभा सांसदों को तोड़ने के लिए हुए 'ऑपरेशन टाइगर' में श्रीकांत ने अहम भूमिका निभाई। इनाम के तौर पर मंत्री पद मिल सकता है।
संजय दीना पाटिल
शरद पंवार की पार्टी से राजनीति शुरू की। मुंबई के भांडुप से विधायक रहे। 2009 में उत्तर-पूर्वी मुंबई से लोकसभा सांसद बने। 2022 में शिवसेना (उद्धव) से जुड़े और 2024 में दोबारा लोकसभा सांसद बने। 'ऑपरेशन टाइगर' के चलते पाटिल शिवसेना (शिंदे) में आए हैं। बागी होने के इनाम के तौर पर संजय को भी मंत्री पद मिल सकता है। इसके पीछे स्ट्रैटजी है- शिवसेना (उद्धव) को और कमजोर करना, भाजपा वाले 'महायुति गठबंधन' को मजबूत करना।
काकोली घोष दस्तीदार
डॉक्टर से नेता बनीं काकोली पश्चिम बंगाल की बारासात सीट से लगातार चौथी बार सांसद हैं। तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक सदस्य और पूर्व सीएम ममता बनर्जी की करीबी रहीं। एंट्री क्यों हो सकती है- काकोली नेतृत्व में 20 तृणमूल सांसद बागी हो गए। बाद में एक अन्य पार्टी से जुड़े और भाजपा को सपोर्ट दिया। इस टूट के इनाम के तौर पर काकोली को मंत्री बनाया जा सकता है।
अरुण गोविल
रामायण सीरियल में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल भी चर्चा में हैं। 2021 में वे भाजपा से जुड़े। 2024 में उत्तर प्रदेश की मेरठ लोकसभा सीट से सांसद बने। अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं। सोशल इंजीनियरिंग के तहत गोविल को मंत्री बनाया जा सकता है। गोविल पश्चिमी यूपी के वैश्य समाज से आते हैं। उनके बूते भाजपा हिंदुत्व और सांस्कृतिक मुद्दे को भुना सकती है।
कुछ के विभागों में परिवर्तन भी
निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री
कर्नाटक से आने वाली निर्मला सीतारमण 2014 से राज्यसभा सांसद हैं। 2017 में वे रक्षा मंत्री बनीं। 2019 से वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री हैं। सरकार और भारत की माली हालत कुछ महीनों से ठीक नहीं है। महंगाई पिछले 16 महीने के ऊंचे स्तर पर 3.9% पर पहुंच गई है। जबकि पीएम मोदी का लक्ष्य है- भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना। सरकार को लग रहा है कि किसी टेक्नोक्रेट को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जाए। ऐसे में निर्मला की जगह रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे शक्तिकांत दास को लाया जा सकता है। निर्मला को शिक्षा मंत्रालय मिल सकता है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री
मध्यप्रदेश के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया 2020 में कांग्रेस से भाजपा में आए। जुलाई 2021 में मोदी सरकार में मंत्री बने। नागरिक उड्डयन और दूरसंचार जैसे मंत्रालय संभाले। अभी उनके पास पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और संचार मंत्रालय का जिम्मा है। सिंधिया हाई-परफॉर्मिंग और डिलीवर करने वाले नेता माने जाते हैं। उनकी क्षमता और प्रभाव को देखते हुए उन्हें प्रमोट करने की तैयारी है। उन्हें रेल, वाणिज्य, उद्योग जैसा कोई अहम मंत्रालय मिल सकता है।
प्रह्लाद जोशी, नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री
कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष रहे प्रह्लाद जोशी धारवाड़ से लगातार 5वीं बार सांसद हैं। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में संसदीय कार्य, कोयला और खनन मंत्री रहे। अभी वे नवीकरणीय ऊर्जा और उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं। जोशी के सांगठनिक और संसदीय अनुभव के मद्देनजर उन्हें किसी बड़े या ज्यादा राजनीतिक प्रभाव वाले मंत्रालय का जिम्मा मिल सकता है। 2028 में जोशी के गृह राज्य कर्नाटक में विधानसभा चुनाव हैं, जहां भाजपा को उम्मीदें हैं।
स्रोत: नवयुग का 30 जून 2026 अंक, पृष्ठ 1। यह मूल मुद्रित लेख का डिजिटल पाठ है। मूल ई-पेपर पढ़ें