विधानसभा का मानसून सत्र 20 अगस्त से शुरू होगा। यह सत्र भी बजट सत्र की तरह ही हंगामेदार रहेगा। यूसीसी बिल के अलावा कई मुद्दों पर हंगामा होना तय है।
राज्यपाल ने विधानसभा सत्र बुलाने की मंजूरी दे दी है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधानसभा ने सत्र बुलाने की अधिसूचना जारी कर दी है। मानसून सत्र में इस बार सरकार समान नागरिक संहिता को बहस के बाद पारित करवाएगी।
यूसीसी बिल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव के आसार हैं। यूसीसी बिल के ड्राफ्ट को लेकर आम लोगों से भी राय ली जा रही है। आम लोगों की राय को यूसीसी बिल में शामिल किया जाएगा। इस राय के आधार पर ही यूसीसी बिल फाइनल करके सदन में रखा जाएगा।
सप्ताह भर चल सकता है सत्र
विधानसभा का मानसून सत्र सप्ताह भर तक चलने के आसार हैं। सत्र को लेकर फाइनल फैसला विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति की बैठक में होगा। 20 अगस्त या इससे पहले विधानसभा में बीएसी की बैठक बुलाए जाने के आसार हैं। बीएसी की बैठक में ही मानसून सत्र का कामकाज तय होगा।
विधानसभा का मानसून सत्र बजट सत्र की तरह ही हंगामेदार रहेगा। यूसीसी बिल के अलावा कई मुद्दों पर हंगामा होना तय है। पेपरलीक पर जेन जी के आंदोलन, सीमावर्ती जिलों में धार्मिक स्थल तोड़ने के मुद्दे पर कांग्रेस सदन में हमलावर रुख अपनाएगी। पेपरलीक के मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सदन में विवाद होना तय है। नीट पेपरलीक के मुद्दे पर कांग्रेस सत्ता पक्ष को घेरने का प्रयास करेगी। बीजेपी विधायक कांग्रेस सरकार के दौरान हुए पेपरलीक के मुद्दे से उसका जवाब देंगे। पहले भी इस मुद्दे पर खूब हंगामा हुआ है।
स्रोत: नवयुग का 31 जुलाई 2026 अंक, पृष्ठ 3। यह मूल मुद्रित लेख का डिजिटल पाठ है। मूल ई-पेपर पढ़ें