राजस्थान

डकैत जगन गुर्जर की जेल में दिनदहाड़े हत्या

अपराध संवाददाता द्वारानवयुग — 30 जून 2026 · 4 मिनट पढ़ें
छपे अंक में पृष्ठ 3 · वर्ष 60 अंक 2

अजमेर। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून की दोपहर को एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। धौलपुर के कुख्यात और चंबल के खूंखार डकैत रहे जगन गुर्जर की जेल के भीतर गला घोंटकर हत्या कर दी गई है। बताया जा रहा है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने जगन गुर्जर की हत्या की है। हार्डकोर बंदी दोनों एक ही बैरक में बंद थे। इस वारदात से पूरे पुलिस महकमे और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और जेल प्रशासन के तमाम आला अधिकारी भारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंच गए हैं।

पुलिस महकमे में हड़कंप

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर को जेल में जगन गुर्जर पर हमला किया गया, जहां प्रथम दृष्टया गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। वारदात की सूचना मिलते ही अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़, गणेश राम, डिप्टी नॉर्थ मनीष बडगूजर और सिविल लाइंस थाना प्रभारी शंभू सिंह शेखावत दलबल के साथ जेल पहुंचे। वहीं, जेल प्रशासन की ओर से हाई सिक्योरिटी जेल अधीक्षक पारसमल जांगिड़, अजमेर सेंट्रल जेल अधीक्षक और अनंतेश्वर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर स्थिति संभाल रहे हैं। वहीं न्यायिक अधिकारी भी जेल पहुंच गए हैं। एफएसएल और मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट की टीमों ने घटनास्थल को खंगालना शुरू किया। हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर वारदात की भनक लगते ही फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट की टीमों को तुरंत मौके पर बुलाया गया। टीमों ने जेल और आसपास के पूरे इलाके को अपने नियंत्रण में लेकर घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स, फुटप्रिंट्स और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।

जगन गुर्जर एक किंवदंती

राजस्थान में दहशत का पर्याय बना जगन गुर्जर धौलपुर जिले के डांग क्षेत्र के भवुतीपुरा का रहने वाला था। साल 1994 में उसके जीजा की हत्या हो गई थी, जिसका बदला लेने के लिए उसने गांव के ही एक आदमी की हत्या कर दी थी। फिर पुलिस से बचने के लिए अपनी पत्नी और तीन भाइयों के साथ मिलकर चंबल के बीहड़ों में शरण ली और खुद की गैंग बना ली। जगन ने सात साल तक राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में फैले चंबल में खूब आतंक मचाया था।

जगन गुर्जर की हत्या राजनैतिक रूप से भी संवेदनशील विषय है। पूर्वी राजस्थान की जाति आधारित राजनीति में उठापठक की भी बड़ी संभावना है। पूर्वी राजस्थान ने पिछले दो तीन विधानसभा-लोकसभा चुनावों में कई बार रंग बदले हैं। राजनेता भले ही इसे नकारें, लेकिन यह कटु सत्य है कि वहां की राजनीति की धुरी मीणा और गुर्जर समुदायों के ध्रुवीकरण के आसपास ही घूमती रही है। इस दृष्टि से भी इस क्षेत्र की राजनीति में उठापठक, आरोप-प्रत्यारोप लगने स्वाभाविक हैं। सरकार और प्रशासन को इस क्षेत्र पर कड़ी नजर रखनी पड़ेगी।

सीबीआई जांच की मांग

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस वारदात को लेकर प्रदेश की जेल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया के जरिए पूरे घटनाक्रम में साजिश की आशंका जताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मामले की तत्काल प्रभाव से सीबीआई जांच कराने की मांग की है। रालोपा सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने कहा कि अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद डकैत जगन गुर्जर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु अत्यंत गंभीर घटना है। उन्होंने कहा कि यह घटना राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जेल की सुरक्षा व्यवस्था एवं जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है।

स्रोत: नवयुग का 30 जून 2026 अंक, पृष्ठ 3। यह मूल मुद्रित लेख का डिजिटल पाठ है। मूल ई-पेपर पढ़ें

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