खाली होते गांव, कराहते शहर और बिखरता भारतअंक 6 · पृष्ठ 7
भारत की आत्मा गांवों में बसती है—यह वाक्य हम वर्षों से सुनते आ रहे हैं। लेकिन आज का यथार्थ यह है कि गांवों की आत्मा धीरे-धीरे खाली होती जा रही है और शहर अपनी क्षमता से कहीं अधिक बोझ तले दबते जा रहे हैं। यदि…
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