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विचार

14 लेख · 5 अंक

खाली होते गांव, कराहते शहर और बिखरता भारतखाली होते गांव, कराहते शहर और बिखरता भारत
अंक 6 · पृष्ठ 7

भारत की आत्मा गांवों में बसती है—यह वाक्य हम वर्षों से सुनते आ रहे हैं। लेकिन आज का यथार्थ यह है कि गांवों की आत्मा धीरे-धीरे खाली होती जा रही है और शहर अपनी क्षमता से कहीं अधिक बोझ तले दबते जा रहे हैं। यदि…

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